Monday, 29 August 2016

बारिश की पहली फुहार

                 बारिश की पहली फुहार
मैं आज तक इस बात को नहीं समझ पाया ,की न जाने क्यों लोग बारिश से बच कर भागते है।
जबकि मई -जून की भीषण गर्मी मे जब लोग गर्मी से जूझ रहें होते हैं तब उनकी स्थिति मरण योग्य हो जाती है। मैंने अपनी इन्ही आँखों से कई लोगो को इस गर्मी का शिकार होते देखा है और कई किसानों को उनकी फ़सले नष्ट हो जाने पर आत्महत्या करते देखा है।
लेकिन मैंने यह भी महसूस किया है कि जब से गर्मी के बाद पहली बारिश होती है तब लोगो की जान में जान आ जाती है और तो और बारिश की पहली बूंदों से धरती माँ भी संतृप्त हो जाती है। मैंने कई दफा शुरुआती बारिश में लोगों को ख़ुशी से झूमते हुए देखा है,इन लोगो में सामान्यतः किसान होते हैं, जिन्हें अपनी फसल की उपज के लिए एक आशा की किरण दिखती है,मैंने इस बारिश में बहुत से ऐसे लोगो को भी झूमते देखा है जिनके रैन बसेरे सड़कों के किनारे होते हैं जिन्हें ख़ुशी से झूमते देख दिल को एक अद्भुत सी ख़ुशी प्राप्त होती है, इन सबके अतिरिक्त बारिश में मेढ़कों की आवाजें सुनाई देने लगती हैं और जंगल में मोर नाचते हैं,और शायद यही वजह है जो बारिश की पहली फुहार मुझे बहुत ही प्रिय लगती है।